जमीन बेच 45 लाख रुपए लगा कर गया था अमेरिका कमाने , अब 12 दिनों बाद बॉडी पहुंची भारत

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ब्यूरो रिपोर्ट @ अलवर राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जाट बहरोड़ क्षेत्र के रहने वाले विपिन चौधरी (24) की अमेरिका में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। करीब 12 दिन बाद शनिवार को जब उसका शव गांव पहुंचा, तो मां, बहन और दादी खुद को संभाल नहीं सकीं। संक्रमण के खतरे के चलते परिजन बेटे के शव को छू तक नहीं पाए।

विपिन चौधरी का अंतिम संस्कार करते परिवार व ग्रामीण
विपिन चौधरी का अंतिम संस्कार करते परिवार व ग्रामीण

विपिन करीब डेढ़ साल पहले बेहतर भविष्य की उम्मीद में अमेरिका गया था। परिवार ने पुश्तैनी जमीन बेचकर और कर्ज लेकर लगभग 45 लाख रुपए खर्च किए थे। वह अमेरिका के Georgia में एक शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था।

परिजनों के अनुसार, 29 दिसंबर की रात विपिन ने परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी और पूरी तरह स्वस्थ लग रहा था। लेकिन 30 दिसंबर की सुबह जब वह नहीं उठा, तो साथ रह रहे दोस्त उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शव पहुंचने पर गांव में मातम
परिवार के सदस्य नरेश चौधरी ने बताया कि शव पुराना होने के कारण गांव पहुंचने पर सभी को मास्क पहनना पड़ा। दोनों बहनें भाई की ओर दौड़ीं, लेकिन उन्हें दूर से ही अंतिम दर्शन करने दिए गए। दिव्यांग मां पहले से ही सदमे में है, जबकि दादी भी पोते को दूर से निहारती रहीं।

एक दिन पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज हुए पिता ने कांपते हाथों से बेटे को मुखाग्नि दी। बेटे की मौत के सदमे में पिता को भी तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।

परिवार पर 20 लाख से ज्यादा का कर्ज
गांव के लोगों ने बताया कि विपिन जून 2024 में अमेरिका गया था। माता-पिता ने डेढ़ बीघा जमीन बेच दी थी और अब परिवार के पास सिर्फ आधा बीघा जमीन बची है। अचानक हुई मौत के बाद परिवार पर 20 लाख रुपए से अधिक का कर्ज है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार को अब आर्थिक मदद की सख्त जरूरत है और सरकार को भी सहयोग करना चाहिए।

मृतक विपिन चौधरी की behne
मृतक विपिन चौधरी की बहने

शव भारत लाने में हुआ सरकारी व सामाजिक सहयोग
परिजनों के अनुसार, विपिन का शव भारत लाने में Indian Community Welfare Fund के तहत करीब साढ़े 7 लाख रुपए का खर्च वहन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में Indian Embassy का सहयोग रहा।

इसके साथ ही अमेरिका में रह रहे राजस्थान के समाजसेवी Prem Bhandari और Rajasthan Association of North America की अहम भूमिका रही, जिनके प्रयासों से शव को भारत लाया जा सका।

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आशिष चौधरी

आशिष चौधरी राजस्थान के झुंझुनू जिले मे जन्मे एक पत्रकार है जो दैनिक भास्कर , फर्स्ट इंडिया न्यूज , समाचार जगत जैसे प्रमुख मीडिया हाउस मे काम कर चुके है , वर्तमान मे फिलहाल AC NEWS INDIA NETWORK से जुड़े हुए है जो की शेखावटी का बढ़ता हुआ मीडिया समूह है

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