आशिष चौधरी @ जयपुर राजस्थान में 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाएं रविवार रात 12 बजे से बंद होने जा रही हैं। नए टेंडर में वेतन कम रखे जाने और 8 घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यूटी तय करने के विरोध में एम्बुलेंस कर्मचारियों की यूनियन ने कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।
राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यूनियन की ओर से स्वास्थ्य विभाग (NHM) के अधिकारियों से कई बार बातचीत की गई, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके चलते 28 दिसंबर की रात 12 बजे से 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाएं बंद करने का फैसला लिया गया है।
यूनियन का कहना है कि नए टेंडर में कर्मचारियों के वेतन में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी और वर्किंग आवर्स को 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किए जाने की मांग की गई थी, लेकिन विभाग की ओर से इस पर कोई सहमति नहीं बनी।
1600 से ज्यादा एम्बुलेंस होंगी प्रभावित
प्रदेश में वर्तमान में 108 सेवा के 1094 वाहन और 104 सेवा के करीब 600 वाहन संचालित किए जा रहे हैं। इन एम्बुलेंसों का संचालन फिलहाल मॉडर्न इमरजेंसी सर्विसेज लिमिटेड के पास है। ये सेवाएं राज्य में आम जनता के लिए पूरी तरह निशुल्क हैं
कर्मचारियों को मिलता है सिर्फ 12,730 रुपये वेतन
एम्बुलेंस सेवा से जुड़े करीब 3000 कर्मचारी, जिनमें ड्राइवर और अन्य सहायक स्टाफ शामिल हैं, को वर्तमान में केवल 12,730 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। यूनियन ने मांग की है कि टेंडर में वेतन में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ-साथ हर साल 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का प्रावधान किया जाए।
इसके अलावा, टेंडर में दर्शाए गए 12 घंटे के वर्किंग आवर्स को घटाकर 8 घंटे करने की भी मांग की गई है। मांगें नहीं माने जाने पर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाने का फैसला लिया है।
