राजधानी जयपुर में सोमवार, 16 फरवरी को शराब की दुकानें बंद रहेंगी। यह फैसला शराब विक्रेताओं ने लिकर कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन राजस्थान के नेतृत्व में लिया है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बिक्री समय को लेकर दबाव बनाया जा रहा है और अधिकारियों की अनावश्यक कार्रवाई से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, अपनी मांगों को लेकर सोमवार को कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पूरे राजस्थान में शराब बिक्री बंद करने का आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इस बंद के कारण जयपुर शहर में लगभग 350 शराब दुकानें बंद रहेंगी, जिससे एक दिन के लिए शराब बिक्री पूरी तरह ठप रहने की संभावना है।
शराब कारोबारियों का कहना है कि राज्य सरकार की नई आबकारी नीति से उन पर बिक्री बढ़ाने का दबाव डाला जा रहा है। तय लक्ष्य के अनुसार बिक्री नहीं होने पर आबकारी विभाग द्वारा जुर्माना लगाए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे व्यापारियों में असंतोष बढ़ा है।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार पुलिस द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर भी कार्रवाई या दबाव बनाया जाता है, जिससे बिक्री प्रभावित होती है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
गौरतलब है कि पिछले महीने राज्य सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की थी। संशोधित नियमों में लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में बढ़ोतरी, बिक्री लक्ष्य में इजाफा और एक के बजाय दो गोदाम आवंटन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। साथ ही लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन होने पर पंजीकरण रद्द करने और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है।
