डिजिटल डेस्क, जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमू क्षेत्र में देर रात अचानक हिंसा भड़क उठी। मस्जिद के पास रखे पत्थरों को हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते बवाल में बदल गया।
जयपुर पश्चिम के डीसीपी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि चौमू में स्थित एक कलंदरी मस्जिद के पास अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन से बातचीत के बाद एक पक्ष ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया था, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने लोहे के एंगल लगाकर उसे दोबारा स्थायी रूप से स्थापित करने की कोशिश की। जब पुलिस इन ढांचों को हटा रही थी, तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है।
पुलिसकर्मी घायल, 10 आरोपी गिरफ्तार
हिंसा के दौरान पुलिस पर की गई पत्थरबाजी में छह पुलिसकर्मियों के सिर में चोट आई है। हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और अब स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने अब तक 10 पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है।
आधी रात में फैला तनाव

यह घटना 25 और 26 दिसंबर की दरम्यानी रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। जयपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर चौमू के बस स्टैंड के पास स्थित मस्जिद के बाहर पड़े पत्थरों को हटाने के दौरान विवाद शुरू हुआ, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। हालात को संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस का भी इस्तेमाल करना पड़ा। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद
स्थिति को शांत बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एहतियातन चौमू में 26 दिसंबर सुबह 7 बजे से 27 दिसंबर सुबह 7 बजे तक इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।
क्या है पूरा विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धार्मिक स्थल के पास सड़क किनारे करीब 45 सालों से पत्थर रखे हुए थे। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से प्रशासन ने इन्हें हटाने का फैसला किया था। इस संबंध में दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर आपसी सहमति के बाद पत्थर हटाने का काम पूरा भी कर लिया गया था।
हालांकि, जब इसके बाद रेलिंग लगाने का काम शुरू हुआ, तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। यही विरोध धीरे-धीरे हिंसा में बदल गया और पुलिस को हालात संभालने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े।
