हरीश गुर्जर @ सीकर जिले के श्रीमाधोपुर उपखंड क्षेत्र की अरणिया ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जताया। ग्रामीणों का नेतृत्व जनसेवक जमन लाल यादव और फौजी शंकर सिंह शेखावत ने किया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितताएं बरती जा रही हैं तथा सरकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता का अभाव है। ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी समस्याओं और शिकायतों का ज्ञापन देने पंचायत भवन पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले ही ग्राम विकास अधिकारी रमेश कुमार और कनिष्ठ लिपिक प्रकाश बराला पंचायत भवन पर ताला लगाकर चले गए।
इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों ने पंचायत में वित्तीय गड़बड़ियों, मनरेगा कार्यों में मस्टरोल भरने में कथित अनियमितता तथा साफ-सफाई व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के कई वार्डों में नियमित सफाई और कचरा संग्रहण नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान ग्रामीणों ने अमृत जल अभियान 2.0 के तहत अरणिया क्षेत्र से श्रीमाधोपुर शहर को पानी उपलब्ध कराने की योजना का भी विरोध जताया। उनका कहना था कि गांव की लगभग 70 प्रतिशत आबादी पहले से ही पेयजल संकट का सामना कर रही है। ऐसे में गांव के करीब 15 ट्यूबवेल जल स्रोतों का उपयोग अन्य क्षेत्रों के लिए किए जाने से स्थानीय लोगों की समस्याएं और बढ़ जाएंगी।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा





