उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक इलेक्ट्रिक कार में आग लगने की घटना सामने आई है, जिसने ईवी वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। बीच सड़क पर Mahindra BE 6 इलेक्ट्रिक SUV अचानक आग की चपेट में आ गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले को लेकर Mahindra & Mahindra ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि आग लगने का कारण वाहन की बैटरी नहीं है।
आखिर क्या है पूरा मामला
यह घटना हापुड़ के कुराना टोल प्लाजा के पास की है। हाफिजपुर थाना प्रभारी प्रवीन कुमार के अनुसार, रविवार को यूपी 13 यू 7555 नंबर की इलेक्ट्रिक SUV बुलंदशहर से हापुड़ की ओर जा रही थी। वाहन मालिक अमन खरबंदा खुद गाड़ी चला रहे थे।
टोल प्लाजा के नजदीक अचानक कार से धुआं उठने लगा। हालात को भांपते हुए चालक ने तुरंत गाड़ी सड़क किनारे रोकी और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद कंपनी का क्या कहना है
घटना के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि कार में आग शॉर्ट सर्किट या बैटरी फेलियर के कारण लगी होगी। हालांकि महिंद्रा ने इन आशंकाओं को खारिज किया है।
कंपनी के अनुसार, वाहन के सिस्टम में टायर के अत्यधिक गर्म होने (Overheating) का अलर्ट दर्ज हुआ था। सुरक्षा के लिहाज से सॉफ्टवेयर ने गाड़ी की स्पीड कम कर दी और वाहन अपने आप रुक गया।
महिंद्रा का कहना है कि वाहन के सेंसर और सॉफ्टवेयर डायग्नोस्टिक डेटा की जांच के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इस घटना का ईवी बैटरी से कोई सीधा संबंध नहीं है। शुरुआती फिजिकल जांच में भी बैटरी पूरी तरह सुरक्षित पाई गई है।
कंपनी के मुताबिक, प्रारंभिक डेटा यह भी संकेत देता है कि एक्सीलेरेटर और ब्रेक पैडल का एक साथ और लगातार इस्तेमाल होने से पीछे के दाहिने पहिये में बार-बार स्लिप हुई, जिससे यह स्थिति पैदा हो सकती है। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
महिंद्रा ने अपने बयान में दोहराया कि उसके सभी वाहन कड़े सेफ्टी मानकों के तहत तैयार किए जाते हैं और ग्राहकों की सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
